TATA “टाटा इतना बड़ा क्यों?” भारत में जब भरोसे, की बात आती है तो और बड़े कारोबारी नाम की बात होती है, तो TaTa का नाम सबसे पहले लिए जाने वाले नामों में शामिल होता है। टाटा सिर्फ एक कंपनी नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक विकास की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। टाटा ग्रुप की शुरुआत साल 1868 में जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने एक छोटी ट्रेडिंग कंपनी से की थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह छोटी शुरुआत आगे चलकर दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक का रूप लेगी। आज टाटा ग्रुप 100 से अधिक देशों में कारोबार करता है और इसकी कंपनियां तकनीक, स्टील, ऑटोमोबाइल, अनेक उत्पाद, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन, एयरोस्पेस और कई अन्य क्षेत्रों में मौजूद हैं। जो भारत से लेकर विदेश तक जानी जाती है, टाटा कंपनी कितने साल पुरानी है? टाटा की शुरुआत 1868 में हुई थी। 2026 में टाटा ग्रुप की यात्रा को 158 साल पूरे हो चुके हैं। जमशेदजी टाटा ने 29 साल की उम्र में लगभग 21,000 रुपये की पूंजी से ट्रेडिंग कंपनी शुरू की थी। यही कारोबार आगे चलकर ...
गैस न मिलने पर शहर से क्यों लोग जा रहे हैं गांव क्या? है इसका मुख्य कारण आज के समय में महंगाई और जरूरी सुविधाओं की कमी आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर रसोई गैस यानी एलपीजी गैस की बढ़ती कीमत और कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कमी के कारण शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। यही कारण है कि अब कई लोग शहर छोड़कर अपने गांव लौटने लगे हैं। गैस के न मिलने या महंगी होने की समस्या ने लोगों की किल्लत की जिंदगी को काफी प्रभावित किया है। बड़ी-बड़ी कंपनियों मे काम करने के भूख बिताना पड़ रहा है ,सबसे पहले बात करते हैं गैस की बढ़ती कीमतों की। पिछले कुछ सालों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां एक सिलेंडर 400–500 रुपये में मिल जाता था, वहीं कई जगहों पर इसकी कीमत 900 से 1100 रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए हर महीने गैस सिलेंडर खरीदना मुश्किल हो गया है। शहरों में रहने वाले लोग पहले ही किराया, बिजली, पानी और अन्य खर्चों से परेशान रहते हैं। ऊपर से गैस की महंगाई उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ देत...