TATA “टाटा इतना बड़ा क्यों?” भारत में जब भरोसे, की बात आती है तो और बड़े कारोबारी नाम की बात होती है, तो TaTa का नाम सबसे पहले लिए जाने वाले नामों में शामिल होता है। टाटा सिर्फ एक कंपनी नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक विकास की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। टाटा ग्रुप की शुरुआत साल 1868 में जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने एक छोटी ट्रेडिंग कंपनी से की थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह छोटी शुरुआत आगे चलकर दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक का रूप लेगी। आज टाटा ग्रुप 100 से अधिक देशों में कारोबार करता है और इसकी कंपनियां तकनीक, स्टील, ऑटोमोबाइल, अनेक उत्पाद, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन, एयरोस्पेस और कई अन्य क्षेत्रों में मौजूद हैं। जो भारत से लेकर विदेश तक जानी जाती है, टाटा कंपनी कितने साल पुरानी है? टाटा की शुरुआत 1868 में हुई थी। 2026 में टाटा ग्रुप की यात्रा को 158 साल पूरे हो चुके हैं। जमशेदजी टाटा ने 29 साल की उम्र में लगभग 21,000 रुपये की पूंजी से ट्रेडिंग कंपनी शुरू की थी। यही कारोबार आगे चलकर ...
Nepal मैं आई बाढ़ में नेपाल का यह हालत नेपाल इन दिनों एक ऐसी भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, जिसने कई इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने नदियों के आसपास बसे इलाकों, सड़कों, पुलों, घरों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ के साथ बड़े पैमाने पर मलबा और भूस्खलन आने से राहत और बचाव कार्य भी बेहद मुश्किल हो गया था! अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही इस आपदा का सबसे गंभीर असर नेपाल के रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला। शुरुआती आकलनों के अनुसार भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के जलमार्गों में अचानक पानी का तेज प्रवाह आया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बाढ़ का संबंध तिब्बत क्षेत्र से आने वाले अचानक जलप्रवाह और संभवतः ऊपर की ओर हुए बर्फीले हिमस्खलन तथा अस्थायी नदी अवरोध से जोड़ा जा रहा है। घटना की पूरी वजह का आकलन अभी भी किया जा रहा है। बाढ़ का पानी अपने साथ पत्थर, मिट्टी, बर्फ और भारी मलबा लेकर नीच...