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Taza khabar: सपा विधायक रागिनी सोनकर ,का विधानसभा में तूफानी भाषण महिला आरक्षण पर

 उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज उस समय हलचल मच गई जब समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने विधानसभा में जोरदार और भाषण दिया। उनके इस भाषण ने न सिर्फ सत्ता पक्ष को घेरा बल्कि पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया पर भी उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके अंदाज की चर्चा कर रहे हैं।  उत्तर प्रदेश विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के गिरने के विरोध में लाए गए निंदा प्रस्ताव का समाजवादी पार्टी ने जोरदार विरोध किया। समाजवादी पार्टी विधायक रागिनी सोनकर ने साफ तौर पर कहा कि 2023 में लाए गए महिला आरक्षण विधेयक का तमाम राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था। इसके आधार पर यूपी की वर्तमान विधानसभा में सीटों की संख्या के आधार पर 50 फीसदी आरक्षण घोषित कर दीजिए। विपक्ष आपके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी संसद में नेहरू को कोसती है। विधानसभा में नेताजी को कोसते हैं। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। महिलाएं पंचायत का नेतृत्व कर रही थीं। उसी पंचायत चुनाव को भाजपा की सरकार नहीं कर पा रही थी  यह इनका जोरदार भाषण महिला आरक्षण के ल...

LPG GAS Notification 2026: गैस न मिलने पर शहर से क्यों लोग जा रहे हैं गांव ?क्या है इसका मुख्य कारण

 गैस न मिलने पर शहर से क्यों लोग जा रहे हैं गांव क्या? है इसका मुख्य कारण

आज के समय में महंगाई और जरूरी सुविधाओं की कमी आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर रसोई गैस यानी एलपीजी गैस की बढ़ती कीमत और कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कमी के कारण शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। यही कारण है कि अब कई लोग शहर छोड़कर अपने गांव लौटने लगे हैं। गैस के न मिलने या महंगी होने की समस्या ने लोगों की किल्लत की जिंदगी को काफी प्रभावित किया है। बड़ी-बड़ी कंपनियों मे काम करने के भूख बिताना पड़ रहा है ,सबसे पहले बात करते हैं गैस की बढ़ती कीमतों की। पिछले कुछ सालों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां एक सिलेंडर 400–500 रुपये में मिल जाता था, वहीं   कई जगहों पर इसकी कीमत 900 से 1100 रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए हर महीने गैस सिलेंडर खरीदना मुश्किल हो गया है। शहरों में रहने वाले लोग पहले ही किराया, बिजली, पानी और अन्य खर्चों से परेशान रहते हैं। ऊपर से गैस की महंगाई उनके बजट को पूरी तरह बिगाड़ देती है। सिलेंडर का ना मिलन ना महंगाई इस समय चरम सीमा को पार करदी है, इसका मुख्य कारण है।
 




1. शहर में कई जगह पर नहीं मिल पाता है लकड़ी और उपली, इसलिए खाना बनाने झेलना पड़ता है परेशानी। 

 दूसरा बड़ा कारण गैस की उपलब्धता है। कई बार ऐसा होता है कि लोग गैस बुक कर देते हैं लेकिन सिलेंडर समय पर नहीं मिलता। कुछ क्षेत्रों में गैस की सप्लाई में देरी हो जाती है। जब कई दिनों तक गैस नहीं आती तो लोगों को खाना बनाने में काफी परेशानी होती है। शहरों में लकड़ी या गोबर के उपले से खाना बनाना आसान नहीं होता, इसलिए लोग मजबूरी में गांव की ओर लौटने का फैसला करते हैं। खुले शहरों में तो लकड़ी ऊपरी का व्यवस्था करके खाना बना ले रहे हे जहां पर घना बस्ती है जिस राज्य में वहां पर खाना बनाने के लिए नहीं हो रहा है व्यवस्था तो ऐसे में इंसान घरजाने के लिए रास्ता चुन रहे है।

2. रोजगार और जीवन यापन खर्च ,करते हैं दिहाड़ी पर काम

शहरों में काम मिलने की गारंटी नहीं होती। कई मजदूर दिहाड़ी पर काम करते हैं। अगर किसी दिन काम नहीं मिला तो उस दिन की कमाई भी नहीं होती। ऐसे में गैस, राशन और किराया जैसे खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। गांव में कम से कम रहने के लिए अपना घर होता है और लकड़ी या चूल्हे पर खाना बनाने का विकल्प भी मौजूद रहता है। इसलिए लोग सोचते हैं कि शहर की महंगी जिंदगी से बेहतर गांव का साधारण जीवन है। गांव में लोग अगर अपना पैसे कमाने की सुविधा कर लेते हैं तो बेरोजगारों को कुछ आसान हो जाता और वह अपना गांव में ही मजदूरी करते ।

3.   सरकारी योजनाओं का सही से लाभ न उठा पाना।

सरकार ने गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं शुरू की थीं, जिसके तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया। लेकिन कई लोगों का कहना है कि कनेक्शन तो मिल गया, पर सिलेंडर भरवाना महंगा पड़ता है। सब्सिडी भी कई बार समय पर नहीं एक मिलती। ऐसे में लोग गैस का इस्तेमाल कम करने लगते हैं या फिर वापस पारंपरिक गांव कि तरफ मुड़ना पड़ जाता है इसके अलावा शहरों में 
बढ़ती महंगाई भी एक बड़ा कारण है। सिर्फ गैस ही नहीं बल्कि सब्जी, दाल, तेल और अन्य जरूरी चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। मजदूर और छोटे काम करने वाले लोग इतनी महंगाई में परिवार का खर्च नहीं चला पाते। इसलिए वे सोचते हैं कि गांव में रहकर खेती-बाड़ी या छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाना ज्यादा आसान होगा।
                                    LPG Gas न मिलने पर लोग परेशान शान गैस का छाया संकट।

गरीब लोगों की परेशानी गैस सिलेंडर की समस्या का कैसे करें निवारण।

अगर सरकार और प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लें तो इसका समाधान निकाला जा सकता है। सबसे पहले गैस सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित करने की जरूरत है, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी आसानी से गैस का उपयोग कर सकें। इसके साथ ही गैस की सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहिए, ताकि लोगों को समय पर सिलेंडर मिल सके। उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के तहत सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी समय पर मिलनी चाहिए।अंत में कहा जा सकता है कि गैस की बढ़ती कीमत और इसकी कमी शहरों में रहने वाले गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। यही कारण है कि कई लोग शहर छोड़कर अपने गांव लौटने का फैसला कर रहे हैं। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी लोग शहरों से गांव की ओर पलायन कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर ऐसी नीतियां बनाएं जिससे आम लोगों को राहत मिल सके और उन्हें अपनी जिंदगी बेहतर तरीके से जीने का मौका मिल सके।    Whats app



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